रविवार, 12 अगस्त 2012

श्याम हमारे आओ ...


मुरारी मुरली आज बजाओ ! 

भक्ति की गंगा जमुना में तुम भक्तों को नहलाओ ,
वृन्दावन की कुञ्ज गलिन में आओ रास रचाओ ,
यमुना तट पर फिर मनमोहन मीठे राग सुनाओ ,
क्यों तुम रूठ गये हो कान्हा यह तो हमें बताओ ,
भारतवासी भक्त बनें फिर ऐसी राह दिखाओ ,
नैना प्यासे हैं दर्शन को अब न अधिक तरसाओ ,
क्षीर सिंधु का त्याग करो अब, श्याम हमारे आओ ! 


किरण